आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक

आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक
आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक
यह विशिष्ट व्याख्यान निश्चित रूप से हम सभी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के बारे में गहराई से जानने का अवसर प्रदान करेगा। पौराणिक कथाओं का हमारे जीवन में क्या महत्व है, और किस प्रकार हमारी संस्कृति आज के आधुनिक युग में भी प्रासंगिक है, इन सभी विषयों पर विद्वान वक्ता अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की जानकारी:
* विषय: आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक
* दिनांक: 11 फरवरी 2025
* समय: दोपहर 2:00 बजे
* माध्यम: गूगल मीट (लिंक: https://meet.google.com/rat-icvi-ugd )
आयोजक:
* संस्कृत विभाग, खुन खुन जी कन्या स्नातकोत्तर

महाविद्यालय, चौक, लखनऊ
* राजकीय महाविद्यालय, बनबसा, चंपावत, उत्तराखंड
मुख्य वक्ता:
* डॉ. अभिमन्यु सिंह, विभागाध्यक्ष, संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय
* डॉ. सत्यकेतु, सह-आचार्य, संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय
* डॉ. अशोक कुमार शतपथी, सह-आचार्य, संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय
यह व्याख्यान निम्नलिखित विषयों पर केन्द्रित होगा:
* पौराणिक कथाओं का महत्व
* संस्कृति और परंपरा का संबंध
* आधुनिक युग में संस्कृति की प्रासंगिकता
* वैश्वीकरण के दौर में संस्कृति का संरक्षण
मुझे विश्वास है कि यह व्याख्यान हम सभी के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा और हमें अपनी संस्कृति को और बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
धन्यवाद!