गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को नमन!

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 आज राजकीय महाविद्यालय बनबसा, चंपावत में महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी की 164वीं जयंती गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई!
प्रभारी प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार जी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर गुरुदेव को श्रद्धांजलि दी और एक वाद-विवाद प्रतियोगिता में उनके विचारों पर मंथन किया।
वक्ताओं ने टैगोर जी के विशाल साहित्यिक योगदान, उनके सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक सुधारों के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उनके 1913 में मिले नोबेल पुरस्कार और विश्व बंधुत्व के विचारों को विशेष रूप से याद किया गया।
इस अवसर पर, श्री हेम कुमार गहतोड़ी जी ने अपने प्रेरक संबोधन में गुरुदेव के जीवन से सीख लेने और राष्ट्रगान के महत्व को समझाया, और छात्र-छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का आह्वान किया।
डॉ. सुधीर चौधरी जी ने मंच संचालन किया, वहीं डॉ. सुशीला आर्या जी और डॉ. सुधीर मलिक जी ने भी अपने मूल्यवान विचार साझा किए। महाविद्यालय परिवार के सभी प्राध्यापकों और कार्मिकों के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश से भाग लिया।

जयंती समारोह के बाद, रेड क्रॉस और रोवर रेंजर टीम के छात्रों ने कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान और बागवानी करके गुरुदेव के कर्मठ जीवन से प्रेरणा ली।
यह आयोजन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के विराट व्यक्तित्व और उनके अमर विचारों को याद करने का एक सुंदर प्रयास रहा।