राजकीय महाविद्यालय बनबसा चंपावत में “विकसित भारत 2047” पर सफल राष्ट्रीय वेबिनार

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राजकीय महाविद्यालय बनबसा चंपावत को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि 25 फरवरी, 2025 को “विकसित भारत 2047: युवाओं को सशक्त बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
देश भर से 240 से अधिक विद्वानों और शोधार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया, जिससे यह एक समृद्ध और ज्ञानवर्धक आदान-प्रदान बन गया।
वेबिनार का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद प्रकाश सिंह के स्वागत भाषण और प्राचार्या प्रो. (डॉ.) अजिता दीक्षित के स्वागत भाषण के साथ हुआ, इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. (डॉ.) अंजू अग्रवाल के आशीर्वाद मिले।
विशिष्ट अतिथियों में प्रो. (डॉ.) खेमराज भट्ट, प्रो. (डॉ.) दीपक कुमार पांडे, प्रो. (डॉ.) हरीश चंद्र जोशी, प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार पांडे और प्रो. (डॉ.) योगेश शर्मा थे, जिन्होंने वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्यों पर बहुमूल्य जानकारी साझा की।
मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) नमिता मिश्रा ने “विकसित भारत 2047: युवाओं को सशक्त बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” पर एक विचारोत्तेजक व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. विवेक कुमार सक्सेना और सुश्री श्वेता चौहान ने अनुसंधान पद्धतियों और उद्योग अनुप्रयोगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर जानकारीपूर्ण सत्र प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) आनंद प्रकाश सिंह के समापन भाषण के साथ हुआ, इसके बाद एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।

वेबिनार का समन्वय डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता और सह-समन्वय डॉ. सुशीला आर्या ने किया।
यह कार्यक्रम “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की भूमिका और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए एक बड़ी सफलता थी।