उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशालय प्रस्तुत करता है: ‘दीक्षारंभ’ – एक नया सवेरा, एक हरित आगाज़ 2025
आज, राजकीय महाविद्यालय बनबसा, चंपावत में ज्ञान और प्रेरणा का एक अनुपम संगम देखा गया!
उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशालय के दूरदर्शी तत्वावधान में, ‘विद्यार्थी कल्याण एवं उत्थान’ हेतु शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रस्तावित ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ हुआ। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हजारों सपनों को पंख देने की एक पवित्र पहल है।
हमारे नवप्रवेशित छात्रों के लिए महाविद्यालय के विशाल प्रांगण में आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं था! प्राचार्य महोदय की गरिमामयी अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में न केवल नए चेहरों का स्वागत हुआ, बल्कि वर्तमान छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी अपनी उपस्थिति से चार चांद लगाए। ‘दीक्षारंभ’ के इस पहले चरण का मूल उद्देश्य हमारे नए साथियों को महाविद्यालय के गरिमामय परिवेश, उसकी समृद्ध परंपराओं, नियमों और मूल्यों से आत्मिक रूप से जोड़ना था। हमारा संकल्प है कि वे यहां केवल विद्यार्थी बनकर न आएं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता के त्रिवेणी में स्नान कर एक सशक्त भविष्य के शिल्पी बनें।
प्राचार्य महोदय के ओजस्वी उद्बोधन ने प्रत्येक हृदय में प्रेरणा का संचार किया। उन्होंने अनुशासन के महत्व, परिश्रम की गरिमा और संस्था के प्रति सम्मान की भावना को अपने शब्दों से सींचा। यूनिफॉर्म संहिता का पालन हो, नियमित उपस्थिति की प्रतिबद्धता हो या शैक्षणिक उत्कृष्टता की अनवरत साधना – प्रत्येक बिंदु पर गहन मार्गदर्शन दिया गया।
और इस स्वर्णिम अवसर पर, हमने प्रकृति से भी अपना नाता जोड़ा! महाविद्यालय परिसर में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
इस पुनीत कार्य में स्वयं महाविद्यालय प्राचार्य, समस्त प्राध्यापकगण और शिक्षणेत्तर कार्मिकों ने भी सक्रिय ‘श्रमदान’ किया और अपने हाथों से पौधों का रोपण कर विद्यार्थियों के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया। यह सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए आशा के बीज बोना है, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाना है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सुंदर परिवेश का निर्माण करना है।
उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशालय के दिशानिर्देशों का अनुसरण करते हुए, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे सभी छात्र बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा के इस नए पड़ाव में सहजता से समाहित हो सकें। हमारे प्राध्यापकगण और समस्त कार्मिक इस पुनीत कार्य को सफल बनाने के लिए तन-मन से जुटे हुए हैं।
यह ‘दीक्षारंभ’ का पहला चरण हमारे छात्रों में आत्मविश्वास का नवसंचार करेगा और उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सफल और उत्पादक भविष्य की दिशा में अग्रसर करेगा। उत्तराखंड सरकार शिक्षा के माध्यम से अपने युवाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्प है।
आइए, इस ज्ञान यात्रा में एक-दूसरे का साथ दें और मिलकर एक ऐसे महाविद्यालय का निर्माण करें, जहां हर स्वप्न साकार हो और हर प्रतिभा को सम्मान मिले! जय हिंद! जय उत्तराखंड!






