राजकीय महाविद्यालय बनबसा में नारी अस्मिता का अद्भुत उत्सव!

राजकीय महाविद्यालय बनबसा में नारी अस्मिता का अद्भुत उत्सव!
आज, 8 मार्च 2025 को, राजकीय महाविद्यालय बनबसा का प्रांगण नारी गरिमा के दिव्य आलोक से जगमगा उठा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर आयोजित मनोहारी कार्यक्रम ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के सूत्रधार प्रभारी प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार ने कुशल नेतृत्व का परिचय देते हुए आयोजन को सफल बनाया। उनके द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति के ओजस्वी गुणगान ने समाज में महिलाओं के असीम योगदान को रेखांकित किया।
अर्थशास्त्र विभाग की मेधावी प्राध्यापिका डॉ. सुशीला आर्य ने अपने ज्ञानवर्धक वक्तव्य से महिला दिवस के ऐतिहासिक और वर्तमान परिवेश को जीवंत कर दिया। डॉ. मुकेश कुमार ने ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता:’ के अमर सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए महिला सम्मान की सर्वोच्च महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. भूप नारायण दीक्षित ने महिलाओं को समाज का प्राण बताते हुए उनके अतुलनीय योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की। डॉ. सुधीर मलिक ने भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के शाश्वत स्थान को स्मरण दिलाते हुए सनातनी नव वर्ष की पावन शुरुआत भी मातृशक्ति पूजन से होने की बात बताई। डॉ. सक्सेना ने महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर अपने प्रखर विचार रखे।
युवा छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को रोचक बना दिया। हेम कुमार गहतोड़ी ने अपनी मधुर वाणी और ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता’ के दिव्य मंत्र से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्रीमती जयंती देवी, श्री त्रिलोक कांडपाल, श्री नर सोनू, श्री अमर सिंह, और श्री विनोद चंद्र जैसे निष्ठावान कर्मचारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में अपनी अनमोल भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुपम अवसर था, बल्कि इसने युवा पीढ़ी को नारी शक्ति के स्वर्णिम इतिहास और वर्तमान में उनके अद्वितीय योगदान से भी अवगत कराया।